सागर – जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे चलती गाड़ियों में आग लगने और टायर फटने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। हाल ही में छतरपुर जिले के चंदला थाने के पास एक चलती कार में आग लग गई। कुछ ही मिनट में पूरी कार जल गई, और उसमें सवार दो लोगों को कूदकर जान बचानी पड़ी।
ऐसे ही हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें फोरलेन पर ट्रक और कारों में आग लग चुकी है।
क्यों होता है ऐसा खतरा?
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जब हम एसी चला कर गाड़ी में सफर करते हैं, तो इंजन और एसी के कारण गाड़ी का तापमान 60 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
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साथ ही, सड़कें भी गर्म हो जाती हैं, जिससे टायरों में हवा का दबाव बढ़ता है और उनके फटने का खतरा होता है।
कैसे बचें इन हादसों से?
विशेषज्ञों की सलाह:
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इंजन, एसी और वायरिंग की समय-समय पर जांच करवाते रहें।
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गर्मी में टायरों में सामान्य से 2-3 प्वाइंट कम हवा भरवाएं।
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लगातार 80–100 किलोमीटर चलने के बाद 10-15 मिनट का ब्रेक लें।
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पुराने और कमजोर टायर न लगाएं। टायर में नाइट्रोजन भरवाएं, ताकि वे अंदर से ठंडे रहें।
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हेडलाइट में ज्यादा पावर के बल्ब न लगाएं।
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धूप में खड़ी गाड़ी में बैठते ही सीधा एसी न चलाएं, पहले कुछ दूरी तक खिड़कियां खोलकर चलाएं।
ज़रूरी जानकारी:
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जिले से गुजरने वाले 4 नेशनल हाईवे
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जिले में 3 स्टेट हाईवे
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50,000 वाहन रोज गुजरते हैं हाइवे से
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तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका
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गाड़ी के अंदर का तापमान 70 डिग्री तक जाता है
एक्सपर्ट की राय:
विकल्प साहू, वर्कशॉप मैनेजर के अनुसार:
“गाड़ी के इंजन का तापमान 98 डिग्री तक जा सकता है, लेकिन अगर रेडिएटर और कूलेंट सही काम कर रहे हैं, तो खतरा नहीं होता।
लगातार सफर और पुरानी वायरिंग या घटिया पार्ट्स होने पर गाड़ी में आग लग सकती है।
टायर भी लगातार गर्म होकर प्रेशर बढ़ा देते हैं। इसलिए, गाड़ी की नियमित जांच बेहद जरूरी है।”
निष्कर्ष: गर्मी में गाड़ी चलाते समय सावधानी और सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ा ध्यान रखकर आप बड़ी दुर्घटना से बच सकते हैं।
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