गोंडा। जिले की डीएम नेहा शर्मा ने सरकारी और ग्रामसभा की जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। डीएम को समाधान दिवस के दौरान एक शिकायत मिली थी, जिसमें तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा और आगे बेचने की बात सामने आई थी। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है।
🌾 तालाब की जमीन पर कब्जा कर बेची
-
शिकायतकर्ता शकील अहमद ने बताया कि ग्रामसभा मानवनां, चोनपुर की गाटा संख्या 1225 (0.0454 हेक्टेयर) की भूमि, जो तालाब के रूप में दर्ज है, उस पर हजारीलाल पुत्र गिरधारीलाल ने कब्जा किया।
-
इसके बाद उस जमीन को हिसामुद्दीन, करीमुद्दीन, अख्तरी बानो, इकरार अहमद और इरशाद हुसैन को बेच दिया गया।
✅ जांच में आरोप सही निकले
-
डीएम ने तत्काल एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता की अगुवाई में राजस्व टीम से जांच करवाई।
-
जांच रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया गया।
-
इसके बाद लेखपाल हितेश कुमार तिवारी ने थाना धानेपुर में एफआईआर दर्ज कराई।
🛑 तालाब की जमीन बेचने की मनाही
-
अधिकारियों ने बताया कि तालाब की जमीन सार्वजनिक हित के लिए आरक्षित होती है।
-
ऐसी जमीन को बेचा नहीं जा सकता, न ही उस पर निजी कब्जा किया जा सकता है।
⚖️ डीएम का कड़ा संदेश
डीएम नेहा शर्मा ने स्पष्ट कहा:
-
ग्रामसभा और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा या फर्जी कागजों से खरीद-फरोख्त करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
-
सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-
जरूरत पड़ी तो ऐसी जमीनें फिर से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जाएंगी।
निष्कर्ष: अब गोंडा जिले में सरकारी जमीनों पर कब्जा करना आसान नहीं होगा। प्रशासन पूरी सख्ती से ऐसे मामलों पर कार्रवाई कर रहा है।
CHANNEL009 Connects India
