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अब संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजीयन विभाग ने ‘संपदा-2’ सॉफ्टवेयर के तहत साइबर पंजीयन कार्यालय की व्यवस्था शुरू कर दी है। भोपाल में इसकी शुरुआत हो चुकी है और अब ग्वालियर में भी इसे शुरू करने की तैयारी है।
अधिकारियों के अनुसार, ग्वालियर में साइबर उप-पंजीयक की नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू होने में करीब छह महीने का समय लग सकता है।
75 सेवाएं मिलेंगी ऑनलाइन
साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू होने के बाद सेल डीड सहित 75 तरह की सेवाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल सकेंगी।
इसमें खरीदार और विक्रेता को रजिस्ट्री के लिए दफ्तर में आने की जरूरत नहीं होगी। फेसलेस सिस्टम के जरिए दस्तावेजों की जांच और पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन होगा।
अभी ग्वालियर में पावर ऑफ अटॉर्नी, किरायानामा और वसीयत जैसी सेवाओं की फेसलेस रजिस्ट्री उपलब्ध है, लेकिन सेल डीड के लिए अभी भी दफ्तर जाना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सेल डीड भी कहीं से भी ऑनलाइन कराई जा सकेगी।
आधार से होगा सत्यापन
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संपदा-2 सॉफ्टवेयर एआई तकनीक पर काम करता है।
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हर प्रक्रिया में आधार से सत्यापन जरूरी होगा।
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हर चरण पर आधार ओटीपी की जरूरत पड़ेगी।
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फेसलेस रजिस्ट्री में भी आधार अनिवार्य रहेगा।
खरीदार और विक्रेता उप-पंजीयक के सामने ऑनलाइन बयान दर्ज करेंगे। ये बयान सॉफ्टवेयर में सुरक्षित रहेंगे। यदि भविष्य में कोई कानूनी समस्या आती है, तो इन बयानों को देखा जा सकेगा।
आगे की योजना
जिला पंजीयक के अनुसार, भोपाल में साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू हो चुका है और ग्वालियर क्षेत्र में भी इसे शुरू करने की योजना बनाई गई है। एक उप-पंजीयक को साइबर उप-पंजीयक के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया आसान व पारदर्शी हो जाएगी।
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