Related Articles
छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक नई शुरुआत की है। रायपुर में ठोस कचरे से बायोगैस बनाने के लिए एक आधुनिक संयंत्र (प्लांट) लगाया जाएगा। इसके लिए रायपुर नगर निगम, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच एक समझौता हुआ है।
यह प्लांट SATAT योजना (सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन ईंधन के लिए वैकल्पिक समाधान) के तहत बनाया जाएगा। रायपुर के रांवाभाटा गांव में बनने वाले इस प्लांट में हर दिन 150 टन कचरा इस्तेमाल किया जाएगा और उससे कंप्रेस्ड बायोगैस बनाई जाएगी। इसकी लागत लगभग 100 करोड़ रुपये होगी और पूरी लागत BPCL उठाएगी।
प्लांट की खास बातें:
-
रोजगार के मौके: इस प्लांट से हर साल लगभग 30,000 मानव-दिनों का रोजगार मिलेगा।
-
पर्यावरण की रक्षा: इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण को फायदा होगा।
-
सरकार को आमदनी: प्लांट से राज्य सरकार को हर साल करीब 1 करोड़ रुपये का जीएसटी मिलेगा।
-
जैविक खेती को बढ़ावा: प्लांट से बनने वाली जैविक खाद से खेती में भी फायदा होगा।
इससे पहले 2024 में भिलाई नगर निगम के साथ ऐसा ही समझौता किया गया था। अब 2025 में अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, धमतरी और बिलासपुर में भी ऐसे प्लांट लगाने की योजना है।
समझौते पर हस्ताक्षर के मौके पर रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार, CBDA के सीईओ सुमित सरकार, BPCL के बायोफ्यूल प्रमुख अनिल कुमार पी, नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
CHANNEL009 Connects India
