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शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे। इससे निवेशकों को एक ही दिन में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सेंसेक्स करीब 700 अंक गिरकर 79,323 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 200 अंक गिरकर 24,572 के स्तर पर आ गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी घटकर 453 लाख करोड़ से 452 लाख करोड़ रुपये रह गया।
बाजार गिरने के मुख्य कारण
1. अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। युद्ध लंबा चलने की आशंका के कारण निवेशकों में डर बढ़ा और उन्होंने शेयर बेचने शुरू कर दिए।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकतर तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर असर पड़ सकता है।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
मार्च के शुरुआती तीन कारोबारी दिनों में ही विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 15,800 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा है।
4. आर्थिक विकास को लेकर चिंता
बदलते वैश्विक हालात के कारण भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। कंपनियों की कमाई उम्मीद से कम रहने से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
5. बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में गिरावट
बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के बड़े शेयरों में बिकवाली भी बाजार गिरने का बड़ा कारण बनी। इन कंपनियों का सूचकांकों में ज्यादा प्रभाव होता है, इसलिए इनके गिरने से पूरा बाजार नीचे आ गया।
कुल मिलाकर वैश्विक तनाव, महंगा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में दबाव बना हुआ है। निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।
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