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जयपुर: जयपुर के जयपुरिया अस्पताल में अच्छी सुविधाएं होने के बावजूद मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की गैरमौजूदगी उनकी परेशानी बढ़ा देती है।
डॉक्टरों की लेटलतीफी से बढ़ रही मुश्किलें
अस्पताल में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक का समय तय है, लेकिन अधिकतर डॉक्टर साढ़े 9 बजे तक भी नहीं आते। मरीजों को पहले से लाइन में लगना पड़ता है, लेकिन जब डॉक्टर नहीं मिलते तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
सरकारी छुट्टियों पर स्थिति और खराब
वीकेंड या सरकारी अवकाश के बाद डॉक्टरों की गैरमौजूदगी की वजह से मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करता जिससे मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
कतारों में खड़े होने की मजबूरी
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पर्ची कटवाने के लिए लंबी कतार।
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रजिस्ट्रेशन और जांच के लिए घंटों इंतजार।
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डॉक्टरों के चेंबर के बाहर भीड़, लेकिन डॉक्टर कई बार बीच में ही चले जाते हैं।
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बुजुर्ग मरीज फर्श पर बैठने को मजबूर।
शिकायतें होती हैं, लेकिन समाधान नहीं
अस्पताल में इलाज के लिए आई महिला मरीज ममता ने बताया कि सुबह 10 बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन दो घंटे बाद भी डॉक्टर से मिल नहीं पाईं। शिकायत करने पर भी कोई समाधान नहीं मिलता।
दवाइयां भी नहीं मिलती
सरकार की निशुल्क दवा योजना के बावजूद अधिकांश दवाइयां उपलब्ध नहीं होती। मरीजों को लंबी कतारों के बाद दवा न मिलने पर मजबूरन बाहर से खरीदनी पड़ती है।
निष्कर्ष
जयपुरिया अस्पताल में अच्छी सुविधाओं के बावजूद डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा।
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