जयपुर के 33 वार्डों में इस बार चुनावी मुकाबला कई जगहों पर त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ-साथ निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं। कई वार्डों में मुकाबला अब केवल दो दलों के बीच सीमित नहीं रह गया है, बल्कि तीसरे उम्मीदवार की मौजूदगी से वोटों के बंटवारे की संभावना बढ़ गई है। स्थानीय मुद्दे जैसे सड़क, सफाई, पेयजल, सीवर व्यवस्था, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं चुनाव का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंच बनाकर समर्थन जुटाने में लगे हैं, वहीं जनता भी विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं के आधार पर अपना फैसला लेने की तैयारी में है। त्रिकोणीय मुकाबले वाली सीटों पर जीत-हार का अंतर बेहद करीबी रहने की संभावना जताई जा रही है। जयपुर के इन 33 वार्डों के नतीजे शहर की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
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