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जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के बांगड़ परिसर में स्थित आयुष चिकित्सा विभाग की ओपीडी प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रही है। करीब 20 साल से चल रही इस ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है।
एसएमएस अस्पताल में रोजाना 15,000 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन आयुष ओपीडी में केवल 200 मरीज ही पहुंचते हैं। वर्ष 2005 में मरीजों को आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा सुविधा देने के लिए इसे शुरू किया गया था, लेकिन सही सुविधाओं के अभाव में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बेसमेंट में होने से परेशानी
आयुष ओपीडी अस्पताल के बेसमेंट में चल रही है, जो लैब जैसी संरचना के कारण इलाज के लिए उपयुक्त नहीं है। मरीजों को थैरेपी और उपचार में दिक्कत होती है।
- पंजीकरण व्यवस्था अव्यवस्थित है।
- इसे आईएचएमएस सिस्टम से नहीं जोड़ा गया है, जिससे मरीजों का डेटा दर्ज नहीं हो पा रहा है।
- जगह की कमी के कारण मरीज सही तरीके से इलाज नहीं करवा पा रहे हैं।
दवाइयों की किल्लत
यूनानी चिकित्सा विभाग में पिछले एक साल से दवाइयों की कमी बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें अपनी व्यवस्था से दवाइयां मंगवानी पड़ती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं, जिससे इलाज महंगा हो जाता है।
जगह बदलने की मांग
आयुष चिकित्सकों का कहना है कि अगर ओपीडी को धन्वंतरि ओपीडी ब्लॉक में स्थानांतरित किया जाए, तो मरीजों को आसानी होगी। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कम मरीजों के कारण मौजूदा जगह ही पर्याप्त है। उनका मानना है कि अधिकतर मरीज एलोपैथिक चिकित्सा को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए आयुष ओपीडी में कम भीड़ रहती है।
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