इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का नाम आते ही बल्लेबाजों के दिमाग में डर बैठ जाता है। अपनी तेज रफ्तार और घातक बाउंसर के लिए मशहूर आर्चर लंबे समय तक चोटों से जूझते रहे, लेकिन अब उन्होंने साफ कह दिया है कि वह आगे से किसी भी मैच से बाहर नहीं होना चाहते।
क्रिकेट की दुनिया की सबसे पुरानी और बड़ी प्रतिद्वंद्विता एशेज सीरीज इस साल नवंबर से शुरू होने वाली है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की भिड़ंत हर बार खास होती है और इस बार भी जोश चरम पर रहेगा। आर्चर ने कहा कि इस सीरीज से पहले वह जो भी गेंद फेंकेंगे, वह उनकी तैयारी का हिस्सा होगी। मतलब साफ है—उनका पूरा ध्यान अब ऑस्ट्रेलियाई टीम को चुनौती देने पर है।
आर्चर करीब चार साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर पाए। भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में हुए तीसरे टेस्ट मैच में उन्होंने वापसी की थी। 2021 के बाद से उन्हें लगातार चोटों ने परेशान किया, खासकर दाहिनी कोहनी में बार-बार होने वाले स्ट्रेस फ्रैक्चर ने उनका करियर रोक दिया था। कई बार ऐसा लगा कि शायद वह लंबे समय तक मैदान से दूर हो जाएंगे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
इस वक्त आर्चर इंग्लैंड की घरेलू लीग द हंड्रेड खेल रहे हैं। वह सदर्न ब्रेव की तरफ से मैदान में उतर रहे हैं। अब तक खेले गए छह मुकाबलों में उन्होंने 16 की शानदार औसत से आठ विकेट झटके हैं। उनका कहना है कि अब उन्हें पर्याप्त आराम मिल चुका है और वह चोटों के कारण और क्रिकेट मिस नहीं करना चाहते।
भारत के खिलाफ एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में आर्चर ने अपनी घातक गेंदबाजी से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को 22 रन से जीत दिलाने में उनका अहम रोल रहा। इसके बाद मैनचेस्टर टेस्ट में भी उन्होंने अपनी जगह बनाई, जो ड्रॉ रहा। इस दौरान उन्होंने कुल 88.3 ओवर फेंके और 28.66 की औसत से 9 विकेट हासिल किए। सबसे खास बात यह रही कि उनकी रफ्तार बिल्कुल पहले जैसी थी और स्पीड गन लगातार तेज संख्याएं दिखा रही थी।
इंग्लैंड की टीम मैनेजमेंट भी आर्चर के वर्कलोड पर खास नजर रख रही है ताकि वह फिर से चोट का शिकार न हों। आने वाले समय में वह न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सफेद गेंद वाले मैचों में भी मैदान पर दिखेंगे। वहां अपनी लय कायम रखकर वह एशेज में ऑस्ट्रेलिया को कड़ी टक्कर देना चाहते हैं।
दर्शक भी अब आर्चर की वापसी से बेहद खुश हैं। लंबे समय से इंग्लिश फैन्स उनकी गेंदबाजी को मिस कर रहे थे। जब वह मैदान पर आते हैं तो उनकी तेज गति और आक्रामकता देखने लायक होती है। यही कारण है कि एशेज सीरीज शुरू होने से पहले इंग्लैंड समर्थकों की उम्मीदें उनसे सबसे ज्यादा हैं।
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