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टखनों में सूजन को नजरअंदाज न करें, 10 सेकंड का टेस्ट बता सकता है बीमारी

कई लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा देर बैठने या लंबा सफर करने के बाद टखनों और पैरों में सूजन महसूस होती है। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह सूजन बार-बार हो या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकती है।

क्या है एंकल स्वेलिंग टेस्ट

डॉक्टर टखनों की सूजन को जांचने के लिए एक आसान तरीका अपनाते हैं, जिसे एंकल स्वेलिंग टेस्ट या पिटिंग ओडीमा टेस्ट कहा जाता है।
इसमें डॉक्टर सूजे हुए हिस्से पर उंगली से हल्का दबाव डालते हैं और कुछ सेकंड बाद उंगली हटाते हैं।

  • अगर त्वचा तुरंत सामान्य हो जाए तो सूजन हल्की मानी जाती है।

  • अगर वहां कुछ सेकंड तक गड्ढे जैसा निशान बना रहे तो इसे पिटिंग ओडीमा कहा जाता है। इसका मतलब शरीर में ज्यादा फ्लूइड जमा हो रहा है।

टखनों में सूजन क्यों होती है

टखने और पैर शरीर के निचले हिस्से में होते हैं, इसलिए शरीर में जमा अतिरिक्त तरल अक्सर यहीं इकट्ठा हो जाता है।
जब ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं होता या शरीर में फ्लूइड का संतुलन बिगड़ जाता है, तब सूजन दिखाई देने लगती है।

दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकती है

लगातार टखनों में सूजन कई बार हार्ट फेल्योर का संकेत भी हो सकती है।
जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के टिश्यू में फ्लूइड जमा होने लगता है। इसके साथ सांस फूलना, जल्दी थकान होना और अचानक वजन बढ़ना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

किडनी की समस्या से भी होती है सूजन

किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालती है। अगर किडनी सही से काम नहीं करे तो शरीर में तरल जमा होने लगता है। ऐसे में टखनों, पैरों और कभी-कभी चेहरे पर भी सूजन दिखाई दे सकती है।

सूजन के सामान्य कारण

हर बार टखनों की सूजन गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। इसके कुछ सामान्य कारण भी हो सकते हैं जैसे:

  • लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना

  • ज्यादा नमक खाना

  • गर्भावस्था

  • कुछ दवाइयों का असर

  • नसों में ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होना

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए

अगर सूजन कभी-कभी होती है और आराम करने से ठीक हो जाती है, तो चिंता की बात नहीं होती।
लेकिन अगर सूजन लंबे समय तक बनी रहे या बढ़ती जाए, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

खासकर अगर सूजन के साथ ये लक्षण भी हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  • सांस फूलना

  • सीने में दर्द

  • अचानक वजन बढ़ना

  • ज्यादा थकान

  • पेशाब कम होना

डॉक्टरों के अनुसार एंकल स्वेलिंग टेस्ट एक आसान तरीका है, जिससे शरीर में फ्लूइड जमा होने का संकेत मिल सकता है और समय पर बीमारी की पहचान करके सही इलाज शुरू किया जा सकता है।

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