वॉशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे 9 जुलाई के बाद अंतरराष्ट्रीय टैरिफ पर लगी 90 दिनों की रोक को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि वे इसके बजाय दुनिया भर के देशों को एक पत्र भेजना पसंद करेंगे, जिसमें बताया जाएगा कि अमेरिका से व्यापार करना है तो उन्हें कितना शुल्क (tariff) देना होगा — 25%, 40% या उससे भी अधिक।
क्या बोले ट्रंप?
रविवार को Fox News को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा:
“मैं उन्हें एक बहुत निष्पक्ष पत्र भेजना चाहता हूं: ‘बधाई हो! अब आप अमेरिका में व्यापार कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको 25%, 20%, या 40-50% टैक्स देना होगा।’”
उन्होंने साफ किया कि कई देशों से अब बातचीत की जरूरत नहीं रह गई है क्योंकि अमेरिका के पास उनके साथ व्यापार घाटे (trade deficit) और उनकी नीतियों के सारे आंकड़े मौजूद हैं।
“कुछ देशों के लिए हमें कोई परवाह नहीं है, हम बस उन्हें एक बड़ा आंकड़ा भेज देंगे,” ट्रंप ने कहा।
जापान का उदाहरण
ट्रंप ने एक काल्पनिक उदाहरण देते हुए कहा:
“मैं जापान को पत्र भेज सकता हूं: ‘प्रिय मिस्टर जापान, कहानी ये है कि अब से आपकी कारों पर 25% टैक्स लगेगा।'”
ट्रेड डील्स पर क्या है ट्रंप की रणनीति?
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ट्रंप प्रशासन ने पहले कहा था कि वह 90 दिनों में 90 व्यापार समझौते करने की योजना पर काम कर रहा है।
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लेकिन ट्रंप ने अब माना है कि 200 देशों से अलग-अलग बातचीत करना मुश्किल है।
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उन्होंने कहा कि अब अमेरिका खुद तय करेगा कि किस देश को कितना टैरिफ देना होगा।
“अब कोई बैठक ज़रूरी नहीं, हम सब कुछ समझते हैं। हमारे पास सारे आंकड़े हैं।”
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध
Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की व्यापार टीम वाशिंगटन में अपना प्रवास बढ़ा रही है ताकि 9 जुलाई से पहले कोई समझौता किया जा सके — जब अमेरिकी टैरिफ लागू हो सकते हैं।
पिछले हफ्ते ट्रंप ने कहा था:
“भारत के साथ एक बहुत बड़ा समझौता जल्द होने वाला है।”
भारत और अमेरिका के बीच डिजिटल टैक्स, मेडिकल डिवाइसेज़, कृषि उत्पादों और सेवाओं पर टैरिफ को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं।
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