राजस्थान के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शामिल और शेखावाटी का प्रसिद्ध श्री जीण माता मंदिर इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है। मंदिर में पुजारियों और बत्तीसी संघ के बीच हुए झगड़े के बाद पुजारियों ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर के दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए हैं। अब श्रद्धालु गर्भगृह के दर्शन नहीं कर पाएंगे, हालांकि नित्य पूजा और सेवा पहले की तरह चलती रहेगी।
कैसे शुरू हुआ विवाद
यह घटना 3 अप्रैल की है। उस दिन बत्तीसी संघ द्वारा मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया था। इसी दौरान संघ के सदस्यों और पुजारियों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।
मुख्य पुजारी प्रकाश पाराशर के अनुसार, संघ के सदस्यों ने पुजारियों के साथ बदसलूकी की और मंदिर ट्रस्ट के दफ्तर में तोड़फोड़ भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है, जिसमें पुलिसकर्मी और संघ के लोग पुजारियों से अभद्रता करते नजर आ रहे हैं।
पुजारियों ने मिलकर लिया निर्णय
घटना के बाद पुजारियों और साधु-संतों की बैठक हुई, जिसमें यह तय किया गया कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मंदिर के दर्शन बंद रहेंगे। पुजारियों का कहना है कि घटना के दस दिन बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे श्रद्धालुओं में भी नाराजगी बढ़ रही है।
मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
श्री जीण माता मंदिर शेखावाटी क्षेत्र की कुलदेवी के रूप में पूजनीय है। इस मंदिर का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व भी बहुत खास है। कहा जाता है कि यहां कपिल मुनि ने तपस्या की थी और मुगल शासक औरंगज़ेब ने भी यहां सिर झुकाया था। खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित यह स्थान हर साल लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र बनता है।
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