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राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका एक खास फैसला है। वे 13 मार्च से 16 मार्च तक अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में 70 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे।
इस यात्रा का नाम “जनहिताय – जनसुखाय पदयात्रा” रखा गया है। इसका उद्देश्य गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनना और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना है।
क्यों करेंगे पदयात्रा
मंत्री मदन दिलावर ने एसी गाड़ियों की बजाय पैदल चलने का फैसला किया है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
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सीधा संवाद: गांवों में जाकर लोगों से सीधे बात करना।
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जमीनी हकीकत जानना: स्कूल, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों की स्थिति देखना।
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तुरंत समाधान: यात्रा के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने की कोशिश।
चार दिनों का कार्यक्रम
यह पदयात्रा चार दिनों में पूरी की जाएगी।
पहला दिन (13 मार्च):
नयागांव से शुरू होकर डोबड़ा, पदमपुरा, कोथला, थोलपुरा, डडवाडा, भंवरिया, कंवरपुरा, हरिपुरा और संवठा होते हुए सोहनपुरा तक (लगभग 14 किमी)।
दूसरा दिन (14 मार्च):
सोहनपुरा से महानपुरा और मंदिरगढ़ होते हुए देवनली दामोदरपुरा तक (लगभग 12 किमी)।
तीसरा दिन (15 मार्च):
देवनली दामोदरपुरा से जसपुरा, केशवपुरा, किशनपुरा, डोलिया और चांदवाड़ी होते हुए गिरधरपुरा तक (लगभग 21 किमी)।
चौथा दिन (16 मार्च):
गिरधरपुरा से कोलीपुरा, भैंसपुरा, बोराबास, जामुनिया बावड़ी होते हुए बलिंडा में यात्रा का समापन (लगभग 23 किमी)।
गांवों में रुककर करेंगे संवाद
यात्रा के दौरान मंत्री गांवों के मंदिरों और चौपालों पर रुकेंगे। वे ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत करेंगे, सादा भोजन करेंगे और रात में गांवों में ही रुकेंगे। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सीधे बताने का मौका मिलेगा।
स्कूल और कार्यालयों का भी निरीक्षण
मदन दिलावर शिक्षा मंत्री भी हैं, इसलिए पदयात्रा के दौरान रास्ते में आने वाले सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों और पंचायत कार्यालयों का निरीक्षण भी करेंगे। लापरवाही मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
राजनीतिक नजर से भी महत्वपूर्ण
इस पदयात्रा को क्षेत्र में जनसंपर्क और संगठन को मजबूत करने के रूप में भी देखा जा रहा है। 70 किलोमीटर पैदल चलकर मंत्री यह संदेश देना चाहते हैं कि वे आज भी जनता से जुड़े हुए नेता हैं।
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