दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी नेता राशिद अल्वी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान को फैसला लेना होगा कि अगला चुनाव अकेले लड़ना है या INDIA गठबंधन के साथ मिलकर। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ मिलकर चुनाव लड़ते, तो भाजपा को हार मिलती।
दिल्ली में कांग्रेस का लगातार खराब प्रदर्शन
दिल्ली में कांग्रेस का पिछले एक दशक से खाता तक नहीं खुला है। 2013 में कांग्रेस को 7 सीटें मिली थीं, लेकिन 2015 और 2020 के चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। इस बार यानी 2025 में भी कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली, हालांकि उसका वोट प्रतिशत 2% बढ़ा है।
दिल्ली चुनाव 2025 के नतीजे
- भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाई।
- भाजपा को 45.56% वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी को 43.57% वोट।
- आम आदमी पार्टी को इस बार 10% वोटों का नुकसान हुआ, जबकि भाजपा के वोटों में 8% की बढ़ोतरी हुई।
- कांग्रेस का वोट शेयर 6.34% रहा, जो 2020 के मुकाबले थोड़ा बढ़ा है।
कांग्रेस का वोट प्रतिशत और प्रदर्शन
- 2015 में कांग्रेस को 9.7% वोट मिले थे।
- 2020 में कांग्रेस का वोट शेयर 4.26% रह गया।
- 2025 में यह बढ़कर 6.34% हुआ।
कांग्रेस का प्रदर्शन कुछ सीटों पर सुधरा, जैसे कस्तूरबा नगर, जहां कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक दत्ता दूसरे स्थान पर रहे और आम आदमी पार्टी को पीछे छोड़ दिया।
भविष्य की रणनीति पर उठे सवाल
राशिद अल्वी का कहना है कि कांग्रेस को भाजपा को हराने के लिए गठबंधन को मजबूत करना होगा और यह तय करना होगा कि अगला चुनाव अकेले लड़ा जाए या सहयोगियों के साथ।
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