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नरसिंहपुर जिले में गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। प्रशासन के निर्देश होने के बावजूद मिल प्रबंधन पैसा नहीं दे रहा है। जिन अधिकारियों पर भुगतान की जिम्मेदारी है, वे भी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।
आर्थिक तंगी में किसान
भुगतान नहीं मिलने से कई किसान गंभीर परेशानी में हैं।
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किसी को इलाज के लिए पैसों की जरूरत है।
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कोई कर्ज में डूबा है।
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किसी के घर में शादी या जरूरी खर्च है।
पैसे न मिलने से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
मंगलवार को दर्जनों किसान अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
सहायक संचालक गन्ना ने किसानों के आवेदन लिए और कहा कि उन्हें महाकौशल शुगर मिल को भेजा जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी पहुंचे और कलेक्टर से मिलने की मांग की। जिला पंचायत सीईओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द भुगतान कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
“पैसा नहीं तो शक्कर दे दो”
किसानों का कहना है कि अगर मिल पैसा नहीं दे पा रही है तो उन्हें शक्कर ही दे दे, ताकि वे उसे बेचकर अपना खर्च चला सकें।
किसानों का आरोप है कि मिल ने करोड़ों रुपये का भुगतान रोक रखा है।
लाखों रुपये बकाया
कई किसानों ने बताया कि उनका लाखों रुपये का भुगतान बाकी है।
किसी का 3 लाख, किसी का 6 लाख और किसी का 15 लाख रुपये तक बकाया है।
ऐसे कई किसान हैं जिन्हें इस सीजन के साथ-साथ पिछले साल का भी पैसा नहीं मिला है।
14 दिन में भुगतान का नियम
नियम के अनुसार, गन्ना खरीदने के 14 दिन के भीतर भुगतान करना जरूरी है।
अगर समय पर भुगतान नहीं होता तो ब्याज के साथ रकम देने का प्रावधान है।
लेकिन यहां कई किसानों को महीनों से पैसा नहीं मिला है। एक किसान ने बताया कि उनकी किडनी खराब है, इलाज के लिए पैसे चाहिए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
प्रशासन का बयान
कलेक्टर ने कहा कि मिल प्रबंधन को नोटिस दिया गया है और मामले की निगरानी की जा रही है।
सहायक संचालक गन्ना ने बताया कि किसानों के आवेदन मिल को भेजे जा रहे हैं और जल्द भुगतान कराने की कोशिश की जा रही है।
किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर उनका बकाया दिलाएगा।
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