काठमांडू: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बुधवार की शाम भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल दिया। राजधानी काठमांडू समेत कई जिलों में हल्के झटके महसूस किए गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप की तीव्रता और केंद्र कहां रहा?
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र, नेपाल ने जानकारी दी कि यह भूकंप शाम 6 बजकर 11 मिनट पर आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र पूर्वी नेपाल के सोलुखुम्बु जिले के छेस्कम क्षेत्र में स्थित था।
काठमांडू और आसपास भी महसूस हुए झटके
भूकंप के झटकों का प्रभाव केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहा। राजधानी काठमांडू सहित आसपास के जिलों में भी कंपन महसूस किया गया, जिससे लोग कुछ समय के लिए घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, यह हल्के दर्जे का भूकंप था और इससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
भूकंप बार-बार क्यों आते हैं?
पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद सात टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकराती हैं या खिसकती हैं, तो ऊर्जा का विस्फोट होता है, जिससे भूकंप आता है। ये गतिविधियाँ अक्सर फॉल्ट लाइन पर होती हैं, जहां घर्षण के कारण अचानक ऊर्जा बाहर निकलती है और धरती हिलने लगती है।
हालिया भूकंपों से फिर बढ़ी चिंता
नेपाल में भूकंप की घटनाएं नई नहीं हैं। क्षेत्र की भौगोलिक संरचना इसे एक भूकंप-संवेदनशील ज़ोन बनाती है। कुछ समय पहले म्यांमार में आए भीषण भूकंप और भारत के विभिन्न हिस्सों में महसूस हुए झटकों के बाद नेपाल में आई यह घटना भूकंपीय सक्रियता को लेकर एक बार फिर लोगों को सचेत कर रही है।
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