कराची/सिंध: पाकिस्तान में सरकार विरोधी माहौल एक बार फिर उग्र रूप में सामने आया है। देश के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पुत्री आसीफा भुट्टो जरदारी पर उस वक्त हमला हुआ, जब वे कराची से नवाबशाह की ओर जा रही थीं। उनके काफिले को जमशोरो टोल प्लाजा के पास आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
काफिले पर लाठियों से किया गया हमला, हाईवे पर मची अफरा-तफरी
प्रदर्शनकारियों ने अचानक काफिले की गाड़ियों को रोक लिया और कुछ वाहनों पर हमला कर दिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी फैल गई। हालांकि आसीफा पूरी तरह सुरक्षित रहीं और जमशोरो तथा हैदराबाद पुलिस के साथ उनकी निजी सुरक्षा टीम ने उन्हें भीड़ के बीच से सुरक्षित निकाल लिया।
एसएसपी ज़फर सिद्दीक़ी के अनुसार, काफिला कुछ ही पलों के लिए रुका था और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं।
किस बात से नाराज़ हैं प्रदर्शनकारी?
बताया जा रहा है कि यह विरोध सिंध सरकार की एक विवादित योजना को लेकर था, जिसमें कृषि भूमि को निजी कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपने की बात कही गई है। इसके साथ ही एक नहर परियोजना से संभावित स्थानीय विस्थापन की आशंका भी लोगों में गुस्से का कारण बन रही है।
कौन हैं आसीफा भुट्टो जरदारी?
आसीफा भुट्टो, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की एक प्रभावशाली युवा नेता हैं। वे पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी तथा बिलावल भुट्टो की बहन हैं। ब्रिटेन में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे सक्रिय राजनीति में उतर चुकी हैं। हाल के दिनों में उनकी जनसभाएं और बयान चर्चा में रहे हैं, जिन पर राजनीतिक विरोधियों और असंतुष्ट समूहों की तीखी प्रतिक्रिया देखी गई है।
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