मॉस्को/कीव –
यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर किए गए अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमले के बाद तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक पुराना वीडियो दोबारा वायरल हो गया है, जिसमें वे अत्यंत घातक हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में पुतिन कहते हैं कि रूस के पास ऐसे हाइपरसोनिक वॉरहेड्स हैं, जो टारगेट पर गिरते समय सूर्य की सतह के बराबर 4000°C तापमान उत्पन्न कर सकते हैं। हालांकि यह वीडियो पहले का है, लेकिन हालिया घटनाओं के चलते इसे 2 जून को Russia News द्वारा फिर से साझा किया गया है, जिसने वैश्विक हलकों में चिंता बढ़ा दी है।
यूक्रेन के हमले ने रूस को उकसाया
यूक्रेन ने हाल ही में रूस के भीतर लगभग 4000 किलोमीटर तक घुसपैठ कर 5 एयरबेस को निशाना बनाया था। यह हमला रूस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, और इसके बाद पुतिन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “अब रूस अपने लक्ष्य चुन रहा है”, जो यूक्रेन की सीमाओं से भी आगे हो सकते हैं।
क्या हैं ‘ओरेशनिक वॉरहेड्स’?
रूस के पास Avangard और Kinzhal जैसे हाइपरसोनिक हथियार हैं जिन्हें पुतिन ने “ओरेशनिक वॉरहेड्स” बताया। ये मिसाइलें इतनी तेज़ हैं कि ये ध्वनि की गति से 5 गुना अधिक रफ्तार से उड़ती हैं और किसी भी मौजूदा एंटी-मिसाइल सिस्टम को चकमा देकर निशाना भेद सकती हैं।
पुतिन का दावा है कि इन वॉरहेड्स की गति 3 किलोमीटर प्रति सेकंड तक होती है, और टारगेट पर गिरते वक्त ये 4000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाते हैं — यह तापमान सूर्य की सतह के बराबर है। उनका कहना है, “4000°C की ऊर्जा से सब कुछ खाक में बदल जाता है। यह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि तैयारी का ऐलान है।”
यूक्रेन नहीं, अब पश्चिम भी निशाने पर
रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि रूस की प्रतिक्रिया केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं होगी। उनका संकेत अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो की ओर भी था — जो यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो रूस “सीमाओं से परे जाकर” जवाब देगा।
“ज़ेलेंस्की और पश्चिमी देश पछताएंगे” – पुतिन
पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर सीधा हमला करते हुए उन्हें “पश्चिमी देशों की कठपुतली” करार दिया। उन्होंने कहा, “अब बहुत हो चुका है। हमने बहुत सहा, लेकिन अब रूस शांत नहीं बैठेगा।”
क्या तीसरे विश्व युद्ध की आहट है?
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस वाकई हाइपरसोनिक हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो यह स्थिति को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल सकती है। अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो देशों की नजरें अब रूस की अगली चाल पर टिकी हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
निष्कर्ष
पुतिन के इस वायरल वीडियो ने केवल सैन्य खतरे को नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक युद्ध को भी जन्म दिया है। रूस यदि वाकई इन हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो इसका असर सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा — यह वैश्विक संतुलन को हिला सकता है।
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