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बस्तर क्षेत्र की संस्कृति, कला और परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित बस्तर पंडुम 2026 में सुकमा जिले के कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में हुई इस संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सुकमा के जनजातीय नाट्य दल ने पहला स्थान हासिल किया।
इस खास मौके पर देश के गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा के कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।
संस्कृति को सहेजने की पहल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर की पारंपरिक नृत्य, गीत, नाट्य, शिल्प और स्थानीय साहित्य को संरक्षित करना है। इस मंच के जरिए स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, जिससे लुप्त होती जनजातीय कलाओं को नया जीवन मिल रहा है।
सुकमा के कलाकारों की बड़ी जीत
सुकमा जिले से 12 अलग-अलग विधाओं में 69 कलाकारों ने भाग लिया। इनमें नाट्य विधा में कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने पहला पुरस्कार जीता।
यह सफलता कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर के बेहतर प्रबंधन से संभव हो पाई।
कला का जीवंत रूप दिखाया
मुड़िया जनजाति के 13 कलाकारों (9 पुरुष और 4 महिलाएं) ने अपनी प्रस्तुति में ताड़ के पत्ते, मोर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं का सुंदर इस्तेमाल किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
जिले का नाम रोशन करने वाले कलाकार
पारला गट्टा गांव के कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने सुकमा जिले को गौरवान्वित किया। इस सफलता में नोडल अधिकारी मनीराम मरकाम और पी. श्रीनिवास राव का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को लगातार मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया।
बस्तर पंडुम 2026 ने यह साबित कर दिया कि जनजातीय कला और संस्कृति आज भी लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखती है।
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