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भारतीय रेलवे अब अपने ट्रेनों को और भी सुरक्षित बनाने जा रहा है। इसके लिए ट्रेनों में ‘कवच’ सिस्टम लगाया जा रहा है, जो एक पूरी तरह से ऑटोमेटेड सुरक्षा प्रणाली है। यह नया और आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे ट्रेनों का सफर सुरक्षित होगा।
कवच सिस्टम की विशेषताएं
- ऑटोमैटिक ब्रेक: अगर ट्रेन की स्पीड निर्धारित सीमा से 9 किलोमीटर प्रति घंटा ज्यादा होती है, तो ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे।
- ओवर स्पीड अलार्म: ट्रेन की स्पीड अगर 2 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा होती है, तो ओवर स्पीड अलार्म बजने लगेगा।
- स्वचालित ब्रेक: अगर लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है, तो स्वचालित रूप से ब्रेक लग जाएगा।
- संपर्क और सूचना: रेडियो आधारित निरंतर अपडेट के जरिए ट्रेन और स्टेशन के बीच सूचना का आदान-प्रदान होता रहेगा।
कवच सिस्टम की ट्रेनिंग
इस नए सिस्टम को लागू करने के लिए इटारसी के बीटीसी केंद्र में ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि देशभर के रेलकर्मियों को इसकी ऑपरेटिंग में कोई परेशानी न हो। इसके जरिए पायलट को ट्रेनों की स्पीड और सिग्नल की जानकारी मिलती रहेगी, और वह किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे।
कवच 4.0 का विस्तार
रेल मंत्रालय ने 10,000 ट्रेनों में कवच 4.0 लगाने को मंजूरी दी है। यह सिस्टम पहले दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर लगाया जाएगा, इसके बाद दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-चेन्नई रूट पर भी इसे तैनात किया जाएगा।
यह कवच सिस्टम भारतीय रेलवे की विविधता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिससे यह रेगिस्तान, पहाड़, जंगल और गांवों में भी प्रभावी रूप से काम करेगा।
इटारसी रेलवे स्टेशन से जुड़ी ट्रेनों में भी इस कवच सिस्टम की तैनाती की जाएगी, जिससे यहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों को सुरक्षा मिलेगी।
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