बाड़मेर जिला कारागृह में इन दिनों क्षमता से ज्यादा बंदियों की संख्या जेल प्रशासन के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। जेल में क्षमता से अधिक बंदी होने और हाल ही में दो बंदियों की मौत के बाद सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
50 बंदियों को जोधपुर जेल भेजा गया
दो दिन पहले एक बंदी की जमानत के दौरान मौत हो जाने के बाद जेल प्रशासन ने हरकत में आते हुए 50 बंदियों को जोधपुर जेल में शिफ्ट कर दिया है। इसके बावजूद बाड़मेर जेल में अब भी क्षमता से ज्यादा बंदी हैं। यहां कुल 158 बंदियों की क्षमता है, लेकिन जेल में 225 बंदी रखे जा रहे थे। शिफ्टिंग के बाद अब 175 बंदी बचे हैं, जो फिर भी जेल की क्षमता से अधिक हैं।
बैरक निर्माण में देरी
बाड़मेर जेल में बंदियों के लिए नई बैरक का निर्माण कार्य चल रहा है। सरकार ने 80 नए बंदियों के लिए बैरक बनाने की मंजूरी दी थी, लेकिन इसका काम अभी अधूरा है। निर्माण कंपनी का दावा है कि दिसंबर 2024 तक काम पूरा हो जाएगा, जिससे जेल प्रशासन को राहत मिल सकती है।
जेलर निलंबित और बंदियों की मौतें
पिछले दो सालों में बाड़मेर जेल में बंदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर दो जेलर निलंबित किए जा चुके हैं। हाल ही में हुई दो मौतों ने प्रशासन को कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। अप्रैल 2024 में एक बंदी जयसिंह की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई, जिसके बाद जेलर को निलंबित किया गया। वहीं, 4 अक्टूबर को भोमाराम नामक बंदी की जमानत के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
जेल प्रशासन का कहना है कि दिसंबर में नई बैरक के हैंडओवर होने से काफी राहत मिलेगी।
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