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पहले जो श्मशान भय और उदासी का प्रतीक था, अब वह हरा-भरा और सुंदर बन गया है। भरतपुर शहर के कुहेर गेट स्थित मोक्षधाम को श्री सनातन धर्म सभा ने 1995 से गोद लिया और यहां लगातार विकास कार्य हो रहे हैं।
अन्नकूट और पौषबड़ा जैसे कार्यक्रम
इस मोक्षधाम में हर साल अन्नकूट और पौषबड़ा जैसे धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां प्रसादी लेने आते हैं। यह श्मशान अब पार्क जैसा महसूस होता है। यहां श्मशानेश्वर महादेव और भैरवनाथ के मंदिर भी हैं, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
श्मशान का बदला स्वरूप
पहले यह जगह असामाजिक गतिविधियों का अड्डा थी, लेकिन अब यहां की हरियाली और सफाई लोगों को आकर्षित करती है। रंगाई-पुताई और अन्य सुधार कार्यों ने इसे खूबसूरत बना दिया है। पेड़-पौधे और फूलों की हरियाली इस स्थान को एक नई पहचान दे रही है।
50 हजार रुपए मासिक खर्च
इस मोक्षधाम में चौकीदार और मंदिर की देखरेख के लिए कर्मी नियुक्त किए गए हैं। उनके वेतन और विकास कार्यों पर हर महीने करीब 50 हजार रुपए खर्च होते हैं। यहां विद्युत शवदाह गृह की सुविधा भी उपलब्ध है।
आधुनिक और सुंदर मोक्षधाम
संस्थान के प्रयासों से यह श्मशान एक सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बन चुका है। अब यहां घास और फूलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसका स्वरूप ऐसा है कि यह श्मशान कम और पार्क अधिक लगता है।
-श्यामसुंदर शर्मा, मैनेजर, कुहेर गेट मोक्षधाम
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