वॉशिंगटन — जब एशिया में भारत और पाकिस्तान के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, अमेरिका ने अपने सैन्य ढांचे को लेकर एक बड़ा और अहम निर्णय लिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने घोषणा की है कि सेना के शीर्ष नेतृत्व में 20 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी, जिससे सैन्य संगठन को अधिक प्रभावी और कार्यकुशल बनाया जा सके।
सैन्य पदों में बड़े स्तर पर कटौती
इस निर्णय के तहत अमेरिकी सेना और नेशनल गार्ड में उच्च पदों—जैसे जनरल और फ्लैग अधिकारियों—में कमी की जाएगी। रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेना को अतिरिक्त 10 प्रतिशत पदों में और कटौती करने का निर्देश दिया गया है, ताकि रणनीतिक स्तर पर बदलाव सुनिश्चित किए जा सकें।
ट्रंप प्रशासन की नीति का हिस्सा
यह कदम पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सरकारी विभागों में पदों की छंटनी कर दक्षता बढ़ाने की बात कही गई थी। हेगसेथ के मुताबिक, यह निर्णय राष्ट्र की सुरक्षा नीति में कुशल नेतृत्व को प्राथमिकता देने की मंशा को दर्शाता है।
पहले भी हुए हैं बड़े बदलाव
इससे पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप और हेगसेथ ने एक साल के भीतर ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ के प्रमुख जनरल सीक्यू ब्राउन जूनियर सहित छह से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया था। उस समय भी यही तर्क दिया गया था कि राष्ट्रहित में सक्षम और राष्ट्रपति के नजरिए को अपनाने वाले नेताओं की जरूरत है।
राजनीतिकरण का आरोप
हालांकि इस फैसले को लेकर आलोचना भी हो रही है। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य सेठ मौलटन ने चेतावनी दी कि यह कदम सैन्य ढांचे के राजनीतिकरण की दिशा में बढ़ सकता है। वहीं, हेगसेथ का कहना है कि यह पहल सेना को अनावश्यक प्रशासनिक बोझ से मुक्त करने और लचीला बनाने की दिशा में उठाया गया है।
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