भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई। सीरीज का अंतिम टेस्ट ओवल में खेला गया, जहां भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 रन से रोमांचक जीत दर्ज की और सीरीज को बराबरी पर खत्म किया। इस मुकाबले में गेंदबाजों के साथ-साथ बल्लेबाजों का भी अहम योगदान रहा।
सीरीज का सबसे दिलचस्प मोड़ चौथे टेस्ट में आया, जब इंग्लैंड ने मजबूत स्थिति हासिल कर ली थी। भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और पहले ही ओवर में दो विकेट गिर गए। लेकिन कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने पारी को संभाला। गिल ने शानदार शतक जमाया और राहुल ने 90 रन बनाए। इसके बाद रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक बनाए और मैच की दिशा बदल दी।
इसी मुकाबले में एक खास घटना ने सबका ध्यान खींचा। जब मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा था, तब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जडेजा से हाथ मिलाकर ड्रॉ पर सहमति जताने की पेशकश की। लेकिन जडेजा और सुंदर दोनों अपने शतक के करीब थे, इसलिए उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके बाद स्टोक्स ने गेंद रूट और ब्रूक जैसे पार्ट टाइम गेंदबाजों को सौंप दी।
इस फैसले पर क्रिकेट जगत में चर्चा शुरू हो गई। सचिन तेंदुलकर ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी और भारत के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी अपने शतक के करीब हों, तो उन्हें पूरा मौका मिलना चाहिए। उनका यह बयान फैंस के बीच काफी सराहा जा रहा है।
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