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भारत में करोड़पतियों की संख्या तेजी से बढ़ी, 2029 तक 55% और इज़ाफा संभव: रिपोर्ट

भारत अब केवल विकासशील देश नहीं, बल्कि तेजी से अमीर लोगों का देश बनता जा रहा है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2024 से 2029 के बीच करोड़पतियों की संख्या में 55% तक बढ़ोतरी हो सकती है। ये करोड़पति वो लोग हैं जिनके पास कम से कम 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की संपत्ति है।


भारत में क्यों बढ़ रही है करोड़पतियों की संख्या?

  • नई पीढ़ी के उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक और युवा कॉरपोरेट लीडर तेजी से अमीर बन रहे हैं।

  • AI और तकनीकी बदलाव ने वेल्थ मैनेजमेंट को नई दिशा दी है।

  • भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और निवेश के बढ़ते रुझान ने संपत्ति बढ़ाने में मदद की है।


आंकड़ों में देखें तस्वीर:

  • भारत की वित्तीय संपत्ति 2023-24 में 10.8% बढ़ी, जबकि एशिया-प्रशांत का औसत 7.3% रहा।

  • वैश्विक औसत करोड़पतियों की वृद्धि दर सिर्फ 21% है, जो भारत की 55% दर से काफी कम है।

  • जयपुर, इंदौर, सूरत, कोच्चि और लुधियाना जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों से भी नए करोड़पति उभरकर आ रहे हैं।


बदल रही है वेल्थ मैनेजमेंट इंडस्ट्री

BCG इंडिया के डायरेक्टर मयंक झा के अनुसार, आने वाले समय में AI और जनरेटिव AI का उपयोग धन प्रबंधन में आम हो जाएगा। सिर्फ फंड संभालना काफी नहीं होगा, बल्कि कस्टमाइज सलाह, डेटा विश्लेषण और बेहतर ग्राहक अनुभव पर भी ध्यान देना होगा।


कौन होंगी नई विजेता कंपनियां?

BCG के ग्लोबल पार्टनर माइकल कालिच का कहना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का होगा जो:

  • ब्रांड और ग्राहक जुड़ाव में निवेश करेंगी,

  • युवा निवेशकों को समझेंगी,

  • और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेंगी।


भारत की अमीरी क्या असमानता भी बढ़ा रही?

रिपोर्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि जहां एक तरफ करोड़पति बन रहे हैं, वहीं आम आदमी के लिए जीवन आसान नहीं हो रहा। इससे आर्थिक असमानता बढ़ने का खतरा है।


आम लोग क्या करें?

सीए अर्चना त्रिपाठी कहती हैं, “अगर सही समय पर वित्तीय शिक्षा और निवेश की समझ मिल जाए, तो मध्यम वर्ग के लोग भी संपत्ति बना सकते हैं।”


सरकार क्या करेगी?

अब यह देखना होगा कि सरकार इस तेजी से बदलती आर्थिक स्थिति के अनुसार:

  • नए टैक्स कानून,

  • निवेश प्रोत्साहन योजनाएं,

  • और रिटायरमेंट फंड नीति में क्या बदलाव करती है।


निष्कर्ष:
भारत अब सिर्फ “गरीबों का देश” नहीं है, बल्कि तेज़ी से अमीर बनने वाले लोगों का नया गढ़ बन रहा है। लेकिन साथ ही, इस आर्थिक बूम में सभी को शामिल करना एक बड़ी चुनौती होगी।

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