Related Articles
भोपाल: शहर में राजा भोज के समय की 14 प्राचीन बावड़ियों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। नगर निगम भोपाल ने स्मार्ट सिटी कंपनी के साथ मिलकर इन बावड़ियों की सूची तैयार की है।
बावड़ियों को नया जीवन देने की तैयारी
नगर निगम इन बावड़ियों को फिर से जल स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है। फिलहाल, आर्कियोलॉजी विभाग का इन पर नियंत्रण है, लेकिन सरकार इन्हें नगर निगम को सौंपने की योजना बना रही है।
बजट में 5 करोड़ का प्रावधान
नगर निगम ने हर बावड़ी के लिए 5 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। हालांकि, पहले भी कुछ बावड़ियों पर काम शुरू किया गया था, लेकिन फंड की कमी के चलते अधूरा रह गया। अब निगम ने हर बावड़ी के लिए अलग एक्शन प्लान बनाकर अतिरिक्त फंड की मांग करने का निर्णय लिया है।
इन बावड़ियों का होगा पुनर्निर्माण
-
बड़ा बाग, भोपाल टॉकीज
-
ऐशबाग स्टेडियम बावड़ी
-
सिकंदरजहां बेगम, बैरसिया रोड
-
पीजीवीटी कॉलेज के पास
-
जेलबाग तालाब की बावड़ी
-
बाफना कॉलोनी बावड़ी
-
द्वारिका नगर, चांदबाग
-
बाग महामाई बावड़ी
-
नवीन नगर बावड़ी
-
बाग भरहत अफ्जा बावड़ी
-
सुभाष नगर, शक्ति मंदिर बावड़ी
-
उमराव दुल्हा बावड़ी
-
इंद्रानगर, जैन मंदिर बावड़ी
-
अशोका गार्डन, मंशा देवी मंदिर बावड़ी
जल संकट का समाधान बनेगी बावड़ियां
इन बावड़ियों के रेनोवेशन से शहर को वैकल्पिक जल स्रोत मिलेगा। अभी भोपाल को नर्मदा नदी, बड़ा तालाब, कोलार, केरवा और कलियासोत डैम से पानी मिलता है। बावड़ियों के पुनर्निर्माण से जल आपूर्ति को और बेहतर किया जा सकेगा।
CHANNEL009 Connects India
