न्यूयॉर्क:
डेमोक्रेटिक प्राइमरी में जोहरान मामदानी की चौंकाने वाली जीत के कुछ ही घंटों बाद, न्यूयॉर्क सिटी के अमीर वर्ग ने संपत्ति में निवेश को अस्थायी रूप से रोक दिया है। लग्ज़री प्रॉपर्टी एजेंट्स के मुताबिक, उच्च आयवर्ग के निवेशक अब उरुग्वे, मिलान और फ्लोरिडा जैसे अधिक टैक्स-अनुकूल और स्थिर बाज़ारों की तरफ रुख कर रहे हैं।
‘पहले देखते हैं क्या होता है…’
रियल एस्टेट एजेंट रयान सर्हांट के अनुसार, कई वेंचर कैपिटलिस्ट, स्टार्टअप संस्थापक और इन्वेस्टमेंट बैंकर्स फिलहाल न्यूयॉर्क में संपत्ति खरीदने से बच रहे हैं। एक महिला, जिन्होंने मैनहैटन के चेल्सी इलाके में एक अपार्टमेंट के लिए प्रस्ताव दिया था, ने एजेंट को मेल करके कहा:
“हम फिलहाल रुक रहे हैं, पहले देखते हैं कि मेयर चुनाव में आगे क्या होता है।“
फ्लोरिडा में 1.8 अरब डॉलर की बिक्री
फ्लोरिडा के ब्रोकर नाथन ज़ेडर ने बताया कि उन्होंने इस साल अब तक 1.8 अरब डॉलर की संपत्तियां बेची हैं, और जोहरान मामदानी की जीत के बाद वहां दिलचस्पी और बढ़ी है।
इन नीतियों से डरे निवेशक
जोहरान मामदानी की तीन प्रमुख आवास नीतियों को लेकर अमीर निवेशकों में चिंता जताई जा रही है:
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किराया नियंत्रण पर सख्ती:
किराया-स्थिर अपार्टमेंट्स पर भविष्य में कोई भी बढ़ोतरी पूरी तरह रोकने का प्रस्ताव है। अभी इन पर हर साल सीमित बढ़ोतरी की अनुमति है। -
दो लाख सस्ते घरों का निर्माण:
अगले 10 वर्षों में न्यूयॉर्क सिटी में 2 लाख नए किफायती घर बनाने की योजना, जिससे मध्यम और निम्न आयवर्ग को राहत मिलेगी। -
भ्रष्ट मकान मालिकों पर कार्रवाई:
जो मकान मालिक किरायेदारी कानूनों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है।
कर नीति भी बनी वजह
इसके अलावा, मामदानी ने दो और विवादित आर्थिक प्रस्ताव रखे हैं:
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$10 लाख से अधिक कमाने वालों पर 2% फ्लैट टैक्स।
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कॉरपोरेट टैक्स को 9% से बढ़ाकर 11.5% करना, ताकि यह न्यू जर्सी की दरों के बराबर हो जाए।
निष्कर्ष
जोहरान मामदानी की वामपंथी विचारधारा और ‘रेंटर्स-फर्स्ट’ एजेंडे को लेकर रियल एस्टेट बाजार में बेचैनी है। अमीर निवेशक फिलहाल इंतजार की मुद्रा में हैं, और कुछ ने तो दूसरे देशों या राज्यों की ओर कदम बढ़ाना भी शुरू कर दिया है।
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