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यूपी पंचायत चुनाव 2026: पहले बनेगा पिछड़ा वर्ग आयोग, फिर होंगे चुनाव

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तारीख आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। पहले माना जा रहा था कि चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होंगे, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं दिख रहा। सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि पहले पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC आयोग) का गठन किया जाएगा, उसके बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पिछड़ा वर्ग आयोग क्या है?

पिछड़ा वर्ग आयोग एक सरकारी संस्था है, जो सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों से जुड़े मामलों को देखती है। ये वे जातियां होती हैं जो अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) में नहीं आतीं, लेकिन पिछड़े वर्ग (OBC) में शामिल होती हैं।
इस आयोग का काम है:

  • पिछड़े वर्गों की सूची बनाना और उसमें बदलाव की सिफारिश करना

  • आरक्षण से जुड़े मामलों पर सरकार को सलाह देना

  • शिकायतों की सुनवाई करना

  • आरक्षण के लाभ की जांच कर रिपोर्ट देना

पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण तय करने के लिए आयोग की रिपोर्ट जरूरी होती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में OBC आरक्षण तथ्यों पर आधारित सर्वे के बाद ही तय किया जा सकता है।

आयोग कैसे काम करता है?

आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य होते हैं, जिन्हें सरकार नियुक्त करती है। यह आयोग सर्वे करता है ताकि यह पता चल सके कि किस क्षेत्र में OBC की आबादी कितनी है। पंचायत चुनाव के लिए “रैपिड सर्वे” यानी तेज सर्वे किया जाता है।
सर्वे के आधार पर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की सीटों पर आरक्षण तय होता है। आयोग रिपोर्ट सरकार को भेजता है, फिर सरकार अधिसूचना जारी करती है और आरक्षण लागू होता है।

पुराना आयोग अक्टूबर 2025 में समाप्त हो चुका है, इसलिए नया आयोग बनाना जरूरी हो गया है।

क्या अप्रैल-मई में चुनाव नहीं होंगे?

अब अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना कम है। पहले अप्रैल से जुलाई के बीच चुनाव की बात कही जा रही थी, लेकिन सरकार के हलफनामे से साफ है कि आयोग गठन और उसकी रिपोर्ट के बाद ही चुनाव होंगे।

चुनाव कब हो सकते हैं?

अगर आयोग जल्दी बनता है और सर्वे तेजी से पूरा होता है, तो जुलाई के बाद या अगस्त-सितंबर 2026 में चुनाव हो सकते हैं। लेकिन अगर प्रक्रिया में देरी हुई, तो चुनाव 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक भी टल सकते हैं।

आयोग बनने के बाद कितना समय लगेगा?

  • आयोग गठन और नियुक्ति: 15-30 दिन

  • रैपिड सर्वे: 1-2 महीने

  • रिपोर्ट तैयार करना: 15-30 दिन

  • सरकार की अधिसूचना और चुनाव कार्यक्रम: लगभग 1 महीना

यानि आयोग बनने के बाद पूरी प्रक्रिया में लगभग 3 से 6 महीने लग सकते हैं। इसलिए पंचायत चुनाव अब पहले तय समय से काफी आगे खिसक सकते हैं।

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