राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्र लोगों को एक और मौका दिया है। अब वे 30 जून तक स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवा सकते हैं, इसके बाद सरकार द्वारा इनसे वसूली की जाएगी।
गिवअप अभियान की तारीख बढ़ी
राज्य सरकार ने गिवअप अभियान की अवधि बढ़ाकर 30 जून तक कर दी है, पहले यह 31 मई तक थी। इस अभियान के तहत 61588 लोगों ने खाद्य सुरक्षा से अपना नाम हटवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। 30 मई तक 57612 आवेदन प्रक्रिया में हैं, जो जिला रसद अधिकारियों के स्तर पर हैं।
नागौर में सबसे अधिक आवेदन
गिवअप अभियान में सबसे अधिक आवेदन नागौर जिले से आए हैं, जहां 30 मई तक 5635 लोग नाम हटवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इसके बाद सीकर जिले का नंबर है, जहां 5536 लोग खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर जाना चाहते हैं।
कोटा में कम आवेदन
कोटा जिले में सिर्फ 1175 लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवाने की इच्छा जाहिर की है। खाद्य विभाग की टीमें इस समय कोटा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अपात्र लोगों को चिह्नित कर रही हैं, जिससे अपात्रों की सूची और लंबी हो सकती है। सरकार ने खाद्य सुरक्षा का जो दायरा तय किया है, उसके अनुसार कोटा में बड़ी संख्या में लोग अपात्र हो सकते हैं।
CHANNEL009 Connects India
