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राजस्थान न्यूज: शिक्षा बोर्ड की गलती से रुकी छात्रों की स्कॉलरशिप, अंतिम तिथि ने बढ़ाई चिंता

शिक्षा बोर्ड की खामी
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की गलती के कारण प्रदेश के सैकड़ों छात्रों की स्कॉलरशिप पर संकट मंडरा रहा है। केंद्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप योजना के तहत बोर्ड ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को छात्रों का पूरा डेटा नहीं भेजा। इस वजह से कटऑफ पूरी करने के बावजूद कई छात्र आवेदन करने से वंचित रह गए हैं।

क्या है मामला?

  • केंद्र सरकार सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में टॉप 20% विद्यार्थियों को पांच साल में कुल 76,000 रुपये की छात्रवृत्ति देती है।
  • इसके लिए हर साल बोर्ड को कटऑफ जारी कर, छात्रों का डेटा एनएसपी पोर्टल पर भेजना होता है।
  • इस बार बोर्ड ने कटऑफ तो जारी कर दी, लेकिन सैकड़ों छात्रों का डेटा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं करवाया।
  • नतीजतन, पात्र होते हुए भी छात्रों को “आवेदन के लिए अपात्र” बताया जा रहा है।

अंतिम तिथि बनी चिंता का कारण
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर थी, जिसे दो बार बढ़ाकर 30 नवंबर किया गया। यह समय सीमा भी पूरी हो चुकी है, जिससे छात्रों की चिंता और बढ़ गई है। बोर्ड की इस लापरवाही के चलते छात्रों की स्कॉलरशिप हाथ से निकलती दिख रही है।

छात्रों का संघर्ष

  • छात्रा नंदिनी तोदी: वाणिज्य संकाय में 437 अंक पाने के बावजूद उसे आवेदन के लिए अपात्र बताया गया।
  • संगीता कंवर: 437 अंक होने के बावजूद वह भी आवेदन नहीं कर सकी।
  • ई-मित्र संचालक मुकेश माटोलिया: उन्होंने बताया कि कम अंक वाले छात्रों का आवेदन हो गया, लेकिन अधिक अंक वाले पात्र छात्र वंचित रह गए।

जिम्मेदारों का जवाब

  • निशा स्वामी, एसीपी, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड: उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है, तो छात्र डायरेक्टर एकेडमी के ईमेल आईडी पर संपर्क करें। मामले को दिखवाया जाएगा।

निष्कर्ष
शिक्षा बोर्ड की इस लापरवाही ने कई छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यदि समय पर समाधान नहीं हुआ, तो पात्र छात्र स्कॉलरशिप से वंचित रह जाएंगे। छात्रों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द इस समस्या का हल निकालेंगे।

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