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जयपुर। राजस्थान में ग्रीष्मावकाश (समर वेकेशन) कम किए जाने के फैसले को लेकर शिक्षकों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के नेतृत्व में जयपुर सहित कई जिलों में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
शिक्षकों ने उपखंड अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छुट्टियों में की गई कटौती गलत है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में स्कूल चलाना विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए अवकाश कम करना उचित नहीं है।
जयपुर के आमेर, हवामहल और सांगानेर समेत कई क्षेत्रों में शिक्षकों ने एकजुट होकर विरोध जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षा से जुड़े बड़े फैसले लेने से पहले शिक्षकों की राय लेना जरूरी है। फिलहाल, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शिक्षा विभाग की नई पहल: बच्चों के नाम सुधार और नशेड़ी शिक्षकों पर सख्ती
जयपुर। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पहल कर रही है। इसके तहत बच्चों को अर्थहीन या मजाक बनने वाले नामों से छुटकारा दिलाने और स्कूलों में नशा करने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि जिन बच्चों के नाम सही नहीं हैं या उनका मजाक बनता है, उन्हें अपना नाम बदलने का मौका दिया जाएगा। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनकी पहचान मजबूत होगी।
इसके साथ ही, स्कूलों में नशा करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों के अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों पर नजर रखने और उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इन कदमों से शिक्षा का माहौल सुधरेगा और बच्चों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, सरकारी स्कूलों में टॉप करने वाले छात्रों का सम्मान और पुराने विद्यार्थियों के कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों का उत्साह बढ़े।
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