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राजस्थान में पानी की समस्या को दूर करने के लिए बड़ी पेयजल परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। झालावाड़ जिले के अकावद बांध पर देश की सबसे बड़ी वॉटर टनल बनाई जा रही है, जो पहाड़ को काटकर तैयार की जा रही है। यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं की शुरुआत
7 मार्च को एयरपोर्ट के पास नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना का भूमि पूजन किया जाएगा। ये दोनों परियोजनाएं जल जीवन मिशन के तहत शुरू की जा रही हैं।
नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना
इस परियोजना पर करीब 1661.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे कोटा और बूंदी जिले के 749 गांवों और 6 कस्बों को फायदा मिलेगा।
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कोटा जिले के 384 गांव और 3 कस्बे
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बूंदी जिले के 365 गांव और 3 कस्बे
इस परियोजना से लगभग 1 लाख 13 हजार से ज्यादा परिवारों को घर-घर पानी मिलेगा।
इस योजना को चार पैकेजों में बांटा गया है, जिनके लिए अलग-अलग कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना
इस परियोजना के लिए करीब 3523.16 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों के 1402 गांवों और 276 ढाणियों को पानी की सुविधा मिलेगी।
इससे लगभग 1 लाख 52 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा।
पहाड़ को काटकर बन रही वाटर टनल
अकावद बांध पर बनाई जा रही देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का काम तेजी से चल रहा है। यह टनल पहाड़ को चीरकर बनाई जा रही है। इसके बनने से बारां जिले के किसानों की जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में जल आपूर्ति बेहतर होगी।
इस परियोजना से हजारों गांवों में पानी की समस्या कम होने की उम्मीद है और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
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