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राजस्थान में भरतपुर से अलवर के बीच स्टेट हाईवे को टू-लेन से फोरलेन बनाने की योजना तैयार कर ली गई है। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जुलाई 2025 में राज्य सरकार को भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 667.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सफर होगा तेज और आसान
इस समय भरतपुर से अलवर तक करीब 95 किलोमीटर का सफर करने में तीन घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। फोरलेन बनने के बाद यह यात्रा करीब ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद इस क्षेत्र के लोग एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए इसी सड़क का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं, लेकिन सड़क टू-लेन होने के कारण यात्रा में समय ज्यादा लगता है।
बजट में की गई थी घोषणा
अलवर-भरतपुर मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा राजस्थान बजट 2024-25 में की गई थी। इस परियोजना में डीग के लिए एक बाइपास भी शामिल किया गया है। वहीं नगर और कुम्हेर के लिए अलग-अलग बाइपास की योजना भी चल रही है।
जमीन का होगा अधिग्रहण
इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए करीब 53.68 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
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जमीन अधिग्रहण पर लगभग 143.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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सिविल वर्क पर करीब 523.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस तरह पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 667.14 करोड़ रुपये होगी।
नगर और कुम्हेर में भी बनेंगे बाइपास
नगर में करीब 9.3 किलोमीटर लंबा बाइपास बनाने की योजना है, जिसकी लागत लगभग 60 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
वहीं कुम्हेर बाइपास के लिए वर्ष 2023-24 के बजट में 68.30 लाख रुपये की घोषणा की गई थी। चुनाव के कारण यह प्रक्रिया बीच में रुक गई थी, अब इसे फिर से शुरू करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी गई है।
शहरों में ट्रैफिक से मिलेगी राहत
हाईवे के बीच से नगर, डीग और कुम्हेर शहरों के लिए बाइपास निकाले जाएंगे। इससे भारी वाहन शहरों के अंदर से गुजरने की बजाय बाइपास से निकल सकेंगे और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
मंजूरी मिलते ही शुरू होगा काम
अधिकारियों के अनुसार भरतपुर-अलवर हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर सरकार को भेज दी गई है। जैसे ही राज्य सरकार से मंजूरी मिलेगी, निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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