Breaking News

राजस्थान हाईकोर्ट ने विवाहित बेटी को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार दिया, सरकार की अपील खारिज

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने विवाहित बेटी को भी पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति का हकदार माना। हाईकोर्ट की एकलपीठ के बाद खंडपीठ ने भी यह निर्णय दिया। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश उमाशंकर व्यास ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दिया।

तथ्यों के अनुसार, मंजू लता के पिता बारां पुलिस लाइन में एएसआई थे। 20 मार्च 2016 को ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया। परिवार में अन्य कोई आश्रित न होने के कारण, मां ने मई 2016 में मंजू लता से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। लेकिन पुलिस प्रशासन ने यह कारण बताकर आवेदन को अस्वीकार कर दिया कि मंजू लता विवाहित हैं और इसलिए वह पात्र नहीं हैं।

मंजू लता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और कहा कि वह अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति के योग्य हैं। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को नियुक्ति देने का आदेश दिया। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ अपील की, लेकिन खंडपीठ ने भी आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।

इस फैसले से विवाहित बेटियों को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार सुनिश्चित हुआ है, जिससे उनके परिवार में आश्रित न होने की स्थिति में उन्हें सरकारी नौकरी मिल सकेगी।

About admin

Check Also

निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 गाड़ियां, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने वाहन कम करने से किया इनकार!

बिहार में मंत्री के काफिले पर सियासत तेज, निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?