रामगढ़ (बूंदी)।
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए बड़ी पहल की जा रही है। रणथंभौर से बाघिन और भरतपुर के घना पक्षी विहार से चीतल लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
🐅 रणथंभौर से बाघिन आएगी रामगढ़
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रणथंभौर टाइगर रिजर्व की बाघिन ‘एरोहेड’ को रामगढ़ के जंगल में लाने की योजना है।
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उसे पहले शॉफ्ट एनक्लोजर (बाड़े) में रखा जाएगा और फिर जंगल में छोड़ा जाएगा।
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यह बाघिन स्वतंत्र रूप से जंगल में घूमने वाली है, जिसे रामगढ़ के कोर-1 इलाके में लाया जाएगा।
🦌 चितल भी होंगे शामिल
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भरतपुर के घना पक्षी विहार से चितल लाने की तैयारी भी चल रही है।
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इसके लिए बोमा तकनीक से चीतलों को सुरक्षित पकड़ा जा रहा है।
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जल्द ही चीतल रामगढ़ पहुंच जाएंगे।
📝 कमेटी गठित, निगरानी रहेगी सख्त
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बाघिन को शिफ्ट करने के लिए वन विभाग ने एक कमेटी बनाई है।
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फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं।
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कमेटी में दो पशु चिकित्सक और उपवन संरक्षक अरविंद कुमार झा भी शामिल हैं।
निष्कर्ष:
रामगढ़ टाइगर रिजर्व को और मजबूत और वन्यजीवों से भरपूर बनाने के लिए बाघिन और चीतल लाने की प्रक्रिया जोरों पर है। इससे जंगल का संतुलन बेहतर होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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