सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए एक हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में उस वक्त माहौल बेहद भावनात्मक हो गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की। यह कदम सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की कूटनीतिक पहल का परिणाम बताया जा रहा है। ट्रंप के ऐलान के तुरंत बाद सम्मेलन में मौजूद वैश्विक नेताओं ने खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया।
सीरिया को मिली आर्थिक राहत की उम्मीद
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में कहा, “अब वक्त आ गया है कि सीरिया को फिर से खुद को खड़ा करने का मौका मिले। मैं अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने का आदेश दूंगा ताकि यह देश पुनर्निर्माण की राह पर चल सके।” यह बयान एक ऐसे वक्त में आया है जब मध्य पूर्व में राजनीतिक संतुलन तेजी से बदल रहा है।
बिन सलमान की कूटनीति रंग लाई
कहा जा रहा है कि इस फैसले के पीछे सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की महीनों की पर्दे के पीछे चली बातचीत और रणनीति काम आई। क्राउन प्रिंस ने इसे “पश्चिम एशिया के लिए एक नई शुरुआत” करार दिया। रियाद सम्मेलन में मौजूद खाड़ी देशों, यूरोपीय यूनियन, और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने इस कदम को क्षेत्र में स्थायित्व की दिशा में अहम मोड़ बताया।
सीरिया के लिए नई राह
इस ऐलान के बाद सीरिया को वैश्विक फंडिंग, निवेश और पुनर्निर्माण सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आर्थिक प्रतिबंधों ने सीरिया की जनता को वर्षों तक संकट में डाले रखा। अब इस बदलाव से न केवल बुनियादी ढांचा बहाल हो सकेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर सीरिया की वापसी भी संभव हो पाएगी।
ट्रंप का ‘मिडल ईस्ट मिशन’ जारी
रियाद से आगे राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा में कतर और यूएई शामिल हैं। जहां वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और गाजा संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। हालांकि रियाद में लिया गया यह फैसला इस पूरे दौरे का सबसे बड़ा कूटनीतिक संकेतक बन गया है, जिसने अमेरिका और अरब देशों के रिश्तों को नई दिशा दे दी है।
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