मध्य प्रदेश के नए डीजीपी कैलाश कुमार मकवाना की पुरानी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिनमें उन्होंने रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी विचारधारा साझा की थी। उनकी एक पोस्ट में लिखा था, “रिश्वत अकेले नहीं आती… देने वाले की बद्दुआ, मजबूरियां, दुख, वेदना, क्रोध, तनाव और चिंता भी नोटों में लिपटी रहती है।” यह पोस्ट लोगों के बीच खूब चर्चा में आई।
इसके अलावा, कैलाश मकवाना की कई अन्य पोस्ट भी चर्चा का विषय बनीं। अक्टूबर 2023 में उन्होंने लिखा था, “मैंने कुछ ऐसे गरीब भी देखे हैं जिनके पास पैसे के अलावा और कुछ भी नहीं है।” इसी महीने में उन्होंने यह भी लिखा था, “बुद्धिमत्ता की पुस्तक में पहला अध्याय ईमानदारी है।”
कैलाश मकवाना की ईमानदारी को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने भी ट्वीट किया और उन्हें ‘वास्तविक ईमानदार’ बताया।
पिता से मिली ईमानदारी की सीख: कैलाश मकवाना उज्जैन के ढाबला हर्दू गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता बलवंत सिंह, जो नायब तहसीलदार और बाद में डिप्टी कलेक्टर थे, से उन्हें ईमानदारी की सीख मिली, जिसने उन्हें एक बेदाग पुलिस अधिकारी बनने में मदद की। उनके डीजीपी बनने की घोषणा के बाद से उज्जैन और उनके पुश्तैनी गांव ढाबला हर्दू में खुशी का माहौल है।
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