ढाका/लंदन – बांग्लादेश सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के लंदन दौरे पर हुए लगभग 6 करोड़ टका के खर्च ने देश में नई बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे वक्त में जब देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, यह फिजूलखर्ची सवालों के घेरे में है।
डोरचेस्टर होटल में राजसी मेहमाननवाज़ी
लंदन में चार दिवसीय प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने द डोरचेस्टर होटल में ठहराव किया, जहां का कुल होटल बिल 3.5 करोड़ टका से अधिक बताया गया है।
मुख्य सलाहकार के लिए बुक की गई “प्रेस्टिज़ सुइट” का चार दिन का किराया ही करीब 40 लाख टका था।
उनकी बेटी दीना अफरोज़ यूनुस के लिए भी एक अलग लक्ज़री सुइट बुक किया गया जिसकी अनुमानित लागत 33 लाख टका रही।
खानपान और इवेंट्स पर भी खुलकर खर्च
जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने चार दिन में 10.75 लाख टका से अधिक सिर्फ डिनर पार्टियों पर खर्च किए।
12 जून को आयोजित एक कार्यक्रम के लिए बुक की गई “पार्क सुइट” की लागत 3.3 लाख टका रही।
इसके अलावा, 37 अन्य लग्ज़री कमरों का भी किराया टका 33 लाख से ऊपर पहुंच गया।
क्या थी यात्रा की उपलब्धि?
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की योजना ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मिलने की थी, मगर वो मुलाकात नहीं हो सकी।
इससे यात्रा के औचित्य और खर्च पर और भी अधिक सवाल उठ रहे हैं।
सामाजिक प्रतिक्रिया और अर्थव्यवस्था की हकीकत
बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति वार्षिक आय महज $2,820 है और ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन इंडेक्स में देश 151वें स्थान पर है।
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सरकारी फंड का इस तरह उपयोग उचित है?
सोशल मीडिया पर इस दौरे को “राजसी दिखावा” और “जनता के पैसों की बर्बादी” बताया जा रहा है। कई नागरिकों ने इसे “देश के गरीबों के साथ अन्याय” करार दिया है।
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