लाहौर से सामने आई एक अहम खबर ने एक बार फिर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों की गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है। लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक और हाफिज सईद के करीबी माने जाने वाले आमिर हमजा को हाल ही में एक घरेलू हादसे में चोट आई है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि हमजा पर जानलेवा हमला हुआ है, लेकिन जांच के बाद स्पष्ट हो गया कि यह कोई आतंकी वारदात नहीं बल्कि घरेलू दुर्घटना थी।
आतंकी हमला नहीं, महज़ एक दुर्घटना
घटना के तुरंत बाद कई खबरों में यह कहा गया कि हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की। हालाँकि, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए बताया कि आमिर हमजा किसी तरह के टारगेटेड हमले का शिकार नहीं हुआ, बल्कि यह एक आम दुर्घटना थी। फिलहाल वह लाहौर के एक अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
कौन है आमिर हमजा?
आमिर हमजा को लश्कर-ए-तैयबा के प्रचार, फंडिंग और भर्ती अभियानों का मास्टरमाइंड माना जाता है। 1990 के दशक में हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की नींव रखने वाले हमजा ने भारत विरोधी रुख को लगातार हवा दी है। उसके सार्वजनिक भाषणों में अक्सर जिहादी हिंसा को वैचारिक समर्थन देते हुए सुना गया है।
अमेरिका की सूची में ‘वैश्विक आतंकी’
अमेरिका ने आमिर हमजा को आधिकारिक तौर पर ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, वह लश्कर की कोर लीडरशिप में शामिल रह चुका है और घुसपैठ, फंडिंग नेटवर्क और आतंकी रणनीतियों में उसकी बड़ी भूमिका रही है, खासकर जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में।
लश्कर से अलग होकर बनाया नया संगठन
2018 में जब पाकिस्तान ने लश्कर की दो सहयोगी शाखाओं — जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन — पर शिकंजा कसना शुरू किया, तो आमिर हमजा ने खुद को अलग करते हुए ‘जैश-ए-मनकाफा’ नामक एक नया आतंकी समूह खड़ा किया। भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह संगठन लश्कर की छाया में रहकर अब भी भारत विरोधी अभियानों को अंजाम दे रहा है।
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