लंदन: गाज़ा में लगातार बिगड़ते हालात और मानवाधिकार संकट के बीच ब्रिटेन ने इज़राइल के साथ चल रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में बनी अवैध यहूदी बस्तियों के खिलाफ नई पाबंदियों की भी घोषणा की गई है। यह कदम यूरोपीय संघ द्वारा इज़राइल के साथ व्यापारिक संबंधों की समीक्षा के बाद उठाया गया है।
ब्रिटिश विदेश सचिव का सख्त रुख
ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने संसद में बयान देते हुए कहा कि उनकी सरकार वेस्ट बैंक में बिना अनुमति बनी बस्तियों पर प्रतिबंध लगा रही है। साथ ही, ब्रिटेन में इज़राइली राजदूत त्ज़िपी होटोवेली को विदेश कार्यालय में तलब किया गया है ताकि ब्रिटिश चिंता को सीधे तौर पर इज़राइल तक पहुंचाया जा सके।
गाज़ा में मानवीय स्थिति पर चिंता
विदेश सचिव लैमी ने गाज़ा की स्थिति को “गंभीर मानवीय त्रासदी” बताया और कहा कि ब्रिटेन युद्धविराम, राहत सामग्री की आपूर्ति और क्षेत्र में स्थिरता की दिशा में प्रयास तेज करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस्राइली सेना द्वारा वेस्ट बैंक और गाज़ा में की जा रही सैन्य कार्रवाई से नागरिकों की जान पर खतरा बढ़ा है।
पीएम कीर स्टार्मर ने भी जताई नाराज़गी
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी गाज़ा में हालात को “असहनीय” बताया और एक बार फिर युद्ध विराम की अपील की। उन्होंने कहा, “गाज़ा में मासूम बच्चों की पीड़ा उस सीमा तक पहुंच चुकी है, जिसे अब और नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”
व्यापार समझौता स्थगन: इज़राइल को झटका
ब्रिटेन और इज़राइल के बीच 2022 से एक नए मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी, जिसके कई दौर पूरे हो चुके थे। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस वार्ता पर रोक लगाई गई है, जिसे इज़राइल के लिए एक कूटनीतिक और आर्थिक झटका माना जा रहा है।
इज़राइल की प्रतिक्रिया: ‘एकतरफा निर्णय’
ब्रिटिश निर्णय पर इज़रायली विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, “यह निर्णय एकतरफा है और ब्रिटेन की पूर्वाग्रही नीति को दर्शाता है।” इज़राइल ने आरोप लगाया कि इससे आतंकवादियों को “नैतिक समर्थन” मिल रहा है और यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुकसानदायक है।
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