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सीकर।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा जिले के 49 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा का पहला पेपर – सामान्य ज्ञान का था, जिसे अधिकांश अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा जितना कठिन बताया।
सामान्य ज्ञान का पेपर बना बड़ी चुनौती
इस पेपर में 40% अंक लाना भी कई अभ्यर्थियों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने इस पेपर में 40% से ज्यादा अंक हासिल किए हैं, वे ही नौकरी की दौड़ में बने रहेंगे।
हिन्दी का पेपर रहा दूसरे पारी में
पहले दिन की दूसरी पारी में हिन्दी विषय की परीक्षा हुई। परीक्षा के चलते बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर दिनभर बेरोजगार युवाओं की भारी भीड़ नजर आई। नकल रोकने के लिए 9 उड़नदस्तों ने अलग-अलग केंद्रों पर औचक निरीक्षण भी किया।
स्कोरिंग विषयों के प्रश्न घटे, मेरिट पर असर
शैक्षिक प्रबंधन जैसे आसान विषय में प्रश्नों की संख्या 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। शैक्षिक मनोविज्ञान को पहली बार सामान्य ज्ञान के पेपर में जोड़ा गया, जिसमें 5 प्रश्न पूछे गए।
इतिहास, भूगोल और राजनीति विज्ञान के प्रश्नों का स्तर सिविल सेवा परीक्षा जैसा था।
शिक्षा शास्त्र में पहले 20 प्रश्न होते थे, जिन्हें घटाकर अब सिर्फ 10 कर दिया गया है।
मेरिट पर होगा असर
प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य ज्ञान) में 40% अंक लाना जरूरी है, इसलिए यह पेपर पास करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
– रतन कुमार सैन, प्राचार्य
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पांचू खरकड़ा, पाटन
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