मॉस्को (रूस): रूस में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। तीन बहनों ने मिलकर अपने पिता की हत्या कर दी। यह घटना कोई साधारण पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे अमानवीय अत्याचार का नतीजा थी।
कई वर्षों तक चला शोषण
पीड़ित बहनों – क्रिस्टीना, एंजेलिना और मारिया – ने अदालत में बताया कि उनके पिता मिखाइल खाचतुरियन सालों से उनके साथ यौन, मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे थे। कोर्ट में पेश की गई मेडिकल और साइकोलॉजिकल रिपोर्ट्स में भी इन दावों की पुष्टि हुई। रिपोर्ट्स में सामने आया कि मिखाइल ने बेटियों को जान से मारने की धमकियां दीं, उनके साथ यौन हिंसा की, और उनका मानसिक उत्पीड़न करता रहा।
हत्या के पीछे की भयावह कहानी
तीनों बहनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सात साल पहले अपने पिता की हत्या की थी। उनका कहना था कि यह आत्मरक्षा में लिया गया कदम था, जब वे शोषण से पूरी तरह टूट चुकी थीं और उन्हें कोई और रास्ता नहीं दिख रहा था।
कोर्ट का फैसला और संभावित राहत
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश सबूतों ने स्पष्ट कर दिया कि मिखाइल का व्यवहार न सिर्फ अमानवीय था, बल्कि वह अपने ही बच्चों के लिए खतरा बन चुका था। हाल ही में अदालत ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, मारपीट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर आरोपों में दोष सिद्ध किया। इस कानूनी जीत से यह उम्मीद जगी है कि बेटियों के खिलाफ हत्या का केस अब खारिज हो सकता है।
परिवार में मतभेद
हालांकि, कुछ रिश्तेदारों ने इन लड़कियों के दावों को झूठा बताया है और आरोप लगाया है कि उन्होंने पिता की संपत्ति के लिए यह हत्या की। लेकिन कोर्ट के सामने रखे गए वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक प्रमाण इन आरोपों को कमजोर साबित करते हैं।
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