मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित खतरे के बावजूद, दो विशाल तेल टैंकरों ने फारस की खाड़ी में प्रवेश के लिए अनिवार्य जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को पार किया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
रविवार को पलटी दिशा, फिर सोमवार को बढ़े आगे
‘Coswisdom Lake’ और ‘South Loyalty’, दोनों सुपरटैंकर्स—जिनमें प्रत्येक में लगभग 2 मिलियन बैरल कच्चा तेल ले जाने की क्षमता है—ने रविवार को स्ट्रेट में प्रवेश किया लेकिन कुछ ही समय बाद अचानक दिशा बदल दी। ब्लूमबर्ग के ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, थोड़े समय की रुकावट के बाद सोमवार को दोनों जहाज पुनः जलडमरूमध्य की ओर बढ़ गए।
सावधानी के साथ वापसी
जहाजों की यह गतिविधि ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय शिपिंग समुदाय में होरमुज़ को लेकर चिंता बनी हुई है। हालाँकि अब कुछ जहाज़ कंपनियाँ स्थिति का मूल्यांकन करते हुए पुनः क्षेत्र में लौटने लगी हैं।
ग्रीस का चेतावनी संदेश
ग्रीस के समुद्री मंत्रालय ने रविवार को अपने जहाज़ मालिकों को सलाह दी कि वे स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ से दूर रहकर किसी सुरक्षित बंदरगाह की ओर बढ़ें। यह संदेश उन कंपनियों के लिए खास मायने रखता है क्योंकि ग्रीस दुनिया की सबसे बड़ी टैंकर फ्लीट का मालिक है।
जापानी कंपनियों ने घटाई उपस्थिति
हालाँकि Coswisdom Lake और South Loyalty जापानी जहाज़ नहीं हैं, फिर भी जापान की दो बड़ी शिपिंग कंपनियों ने होरमुज़ जलडमरूमध्य में अपने ऑपरेशन कम करने का फैसला किया है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और भय की स्थिति की पुष्टि होती है।
कंपनियों की प्रतिक्रिया नहीं
Coswisdom Lake का प्रबंधन Cosco Shipping Energy और South Loyalty का संचालन Sinokor Merchant Marine कर रही है। दोनों कंपनियों से संपर्क की कोशिश की गई लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया था।
तेल व्यापार के लिए अहम इलाका
स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ वैश्विक तेल व्यापार का एकमात्र प्रमुख प्रवेश द्वार है जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। हालात सामान्य न होने पर इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ा झटका लग सकता है।
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