क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर का नाम सुनते ही उनके शानदार खेल की तस्वीर सामने आ जाती है। अपने करियर में उन्होंने ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिनके बारे में पहले किसी ने सोचा भी नहीं था। संन्यास के कई साल बाद भी उनके कई कीर्तिमान आज तक अटूट हैं। हालांकि, कप्तान के रूप में सचिन को उतनी सफलता नहीं मिली।
सचिन ने 1989 में सिर्फ 16 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया। सात साल बाद, 9 अगस्त 1996 को उन्हें 23 साल की उम्र में टीम की कप्तानी दी गई। वे मंसूर अली खान पटौदी के बाद भारत के दूसरे सबसे युवा कप्तान बने। लगभग एक साल तक कप्तान रहे, लेकिन टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, और दिसंबर 1997 में उन्होंने पद छोड़ दिया।
1999 वनडे वर्ल्ड कप के बाद, खराब प्रदर्शन की वजह से फिर से उन्हें कप्तानी सौंपी गई। लेकिन इस बार भी नतीजे अच्छे नहीं रहे और 2000 में उन्होंने खुद कप्तानी छोड़ दी। इसके बाद सौरव गांगुली कप्तान बने।
सचिन ने अपने दोनों कार्यकाल में 25 टेस्ट और 73 वनडे में टीम का नेतृत्व किया। इनमें सिर्फ 4 टेस्ट और 23 वनडे में जीत मिली। आंकड़े बताते हैं कि बतौर कप्तान वे बहुत सफल नहीं रहे।
सचिन 1989 से 2013 तक भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम के सबसे बड़े स्तंभ रहे।
टेस्ट: 200 मैच, 15,921 रन, 51 शतक, 68 अर्धशतक
वनडे: 463 मैच, 18,426 रन, 49 शतक, 96 अर्धशतक
टी20: 1 मैच, 10 रन
सचिन के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, शतक और मैच खेलने के रिकॉर्ड हैं। ये ऐसे कीर्तिमान हैं, जिन्हें तोड़ना आने वाले समय में बेहद मुश्किल है।
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