समाजवादी व्यापार सभा के अध्यक्ष मनीष जगन को महाकुंभ 2025 पर विवादित टिप्पणी करने के आरोप में लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सपा ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया और पुलिस पर जबरन हिरासत में लेने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, “तानाशाही नहीं चलेगी।”
गिरफ्तारी का कारण
पुलिस का कहना है कि मनीष जगन की सोशल मीडिया पोस्ट से समाज में अशांति और हिंसा फैलने का खतरा था। इसी वजह से उन्हें शुक्रवार देर रात उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि, उनके बयान का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है।
सपा का विरोध
सपा ने इस गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया और यूपी पुलिस पर जबरन हिरासत में लेने का आरोप लगाया। पार्टी के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से पोस्ट कर कहा गया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “भाजपा सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए समाजवादी नेताओं को परेशान कर रही है। महाकुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, लेकिन भाजपा इसे भी राजनीति का अड्डा बना रही है। हम इस तानाशाही का विरोध करेंगे!”
सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, सुरक्षा बढ़ाई गई
गिरफ्तारी के बाद सपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखा गया, जिसके चलते प्रशासन ने अखिलेश यादव के घर और पार्टी कार्यालय पर सुरक्षा कड़ी कर दी।
सपा की आंदोलन की चेतावनी
समाजवादी पार्टी ने कहा कि अगर मनीष जगन को जल्द रिहा नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए भाजपा सरकार को तानाशाह करार दिया।
यूपी की राजनीति में तनाव
इस गिरफ्तारी के बाद यूपी की राजनीति गर्मा गई है। सपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। अखिलेश यादव जल्द ही इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोल सकते हैं।
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