छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया एक बार फिर रुक गई है। उम्मीद थी कि 9 अप्रैल को बीजेपी की अहम बैठक में नए मंत्रियों के नामों की घोषणा हो जाएगी, लेकिन नामों पर सहमति नहीं बन पाई।
बैठक में दिल्ली से संगठन मंत्री शिवप्रकाश और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन भी रायपुर में मौजूद थे। लेकिन नाम तय करने को लेकर फिर से अड़चन आ गई, इसलिए कोई ऐलान नहीं हो सका।
सीएम ने कहा था जल्द होगी शपथ
बैठक से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से कहा था कि नाम तय हो गए हैं और अब नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण में कोई देरी नहीं होगी। लेकिन बैठक के बाद स्थिति बदल गई और नामों का ऐलान नहीं हो पाया।
किन नामों की चर्चा थी
खबरों के अनुसार, अमर अग्रवाल, गजेंद्र यादव और पुरंदर मिश्रा के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में थे। माना जा रहा था कि इन्हीं में से तीन नामों की घोषणा होगी। लेकिन पुराने नेताओं की सिफारिशों के चलते मामला फिर अटक गया। अब बीजेपी नए सिरे से नामों पर मंथन करेगी।
भ्रष्टाचार पर सख्त रवैया
बैठक में संगठन मंत्री और प्रदेश प्रभारी ने प्रदेश सरकार के कामकाज की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोहराया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, चाहे कितना भी प्रभावशाली हो, उसे सजा जरूर मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत हो चुकी है और 15 महीनों में मोदी सरकार की गारंटी के तहत किए गए ज्यादातर वादे पूरे कर दिए गए हैं।
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