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नीमच (मध्यप्रदेश)
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सीएम राइज स्कूल एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नीमच जिले के जावद स्थित सीएम राइज स्कूल में केजी-2 में पढ़ने वाले 5 साल के मासूम छात्र के साथ हुई घटना ने स्कूल की सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ था?
ग्राम खोर निवासी राहुल नायक का 5 वर्षीय बेटा विनायक जावद के सीएम राइज स्कूल में केजी-2 का छात्र है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान क्लास रूम में रखी एक भारी प्लाई अचानक बच्चे के पैर पर गिर गई। इस हादसे में विनायक का पैर बुरी तरह टूट गया।
दर्द से तड़पता रहा बच्चा
हादसे के बाद बच्चा काफी देर तक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से कोई तुरंत मदद नहीं मिली। न तो एंबुलेंस बुलाई गई और न ही समय पर अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
बच्चे के पिता उस समय काम से बाहर थे। सूचना मिलने पर परिजन स्कूल पहुंचे, लेकिन वहां कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। मजबूरी में मासूम को मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाकर नीमच अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की।
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन का रवैया भी गैर-जिम्मेदाराना रहा। स्कूल में फिलहाल कोई स्थायी प्राचार्य नहीं है और व्यवस्था प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रही है।
प्राथमिक स्कूल के प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि वे उस समय बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में थे और हादसा लंच टाइम में हुआ। वहीं एक अन्य अधिकारी ने निजी कारण बताकर मामले से दूरी बना ली।
अभिभावकों में नाराजगी
इस घटना के बाद अन्य बच्चों के अभिभावकों में भी गुस्सा है। उनका कहना है कि जब सीएम राइज जैसे बड़े स्कूलों में भी सुरक्षा और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
यह हादसा स्कूलों में सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन सुविधाओं की गंभीर जरूरत को साफ दिखाता है।
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