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राजस्थान के सीकर जिले में एक निर्दयी पति ने संतान न होने और दहेज के लिए अपनी पत्नी की करंट लगाकर हत्या कर दी। इस मामले में कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
क्या है मामला?
- 2017 में कैलाश कंवर की करंट लगने से मौत हुई।
- उसके पति देवी सिंह और ससुरालवाले उसे संतान न होने और दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।
- 10 अप्रैल 2017 की सुबह देवी सिंह ने मृतका के भाई को फोन कर बताया कि करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
- परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हत्या है और दहेज हत्या का केस दर्ज कराया।
कोर्ट का फैसला
- 7 साल तक मामला कोर्ट में चला।
- रानोली थाना पुलिस और जांच अधिकारी ने 41 गवाह और 71 दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट में पेश किए।
- अपर सेशन न्यायाधीश महेंद्र प्रताप बेनीवाल ने पति देवी सिंह को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
- फैसले के बाद देवी सिंह रोते हुए कोर्ट से बाहर निकला।
न्यायाधीश की टिप्पणी
- पति को पत्नी का संरक्षक माना जाता है, लेकिन इस मामले में उसने गंभीर अपराध किया।
- समाज में दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्याओं के मामले बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
इस फैसले से दहेज प्रताड़ना और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने का संदेश दिया गया है।
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