जिनेवा: अफ्रीकी देश सूडान एक बार फिर भीषण मानवीय संकट का गवाह बन रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन सप्ताह में उत्तरी दारफुर क्षेत्र में कम से कम 542 लोग मारे गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। यह आंकड़ा केवल पुष्टि किए गए मामलों का है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने की आशंका जताई गई है।
दारफुर फिर से बना जंग का मैदान
यह हिंसा सूडान की सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के बीच जारी संघर्ष का परिणाम है। अप्रैल 2023 से चल रही इस जंग में दारफुर विशेष रूप से एक संवेदनशील और बुरी तरह प्रभावित इलाका बन गया है। UN मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इसे “सीमाहीन भयावहता” करार देते हुए कहा कि अल-फशर शहर और अबू शौक शिविर पर हालिया हमले RSF की आक्रामक रणनीति का हिस्सा हैं।
बढ़ती तबाही और सोशल मीडिया पर डरावने दृश्य
तीन दिन पहले हुए एक हमले में कम से कम 40 नागरिकों की मौत हुई, जिससे बीते तीन हफ्तों में मरने वालों की संख्या 542 तक पहुंच गई है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो घटनाओं की क्रूरता को उजागर करते हैं, जिनमें हथियारबंद लोग नागरिकों को बेरहमी से मारते हुए देखे जा सकते हैं।
न्यायेतर हत्याओं की बढ़ती घटनाएं
खार्तूम राज्य में भी न्यायेतर हत्याओं के मामलों में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी ओमदुरमान क्षेत्र में RSF की वर्दी में लोगों ने कम से कम 30 नागरिकों की हत्या की, जिनमें से कई की पहचान तक नहीं हो सकी।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
वोल्कर तुर्क ने सूडान के दोनों पक्षों के प्रमुखों को चेताते हुए कहा है कि उन्हें इस युद्ध के गंभीर मानवाधिकार प्रभावों के प्रति सचेत रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अल-फशर में फंसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
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