भारत और इंग्लैंड के बीच हाल ही में खत्म हुई पांच मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज में जहां कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं एक फैसला ऐसा भी रहा जिसने सोशल मीडिया पर बवाल खड़ा कर दिया। ये फैसला लिया भारतीय टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर ने, जो अब क्रिकेट फैंस के निशाने पर हैं।
टेस्ट सीरीज के अंत में ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का ऐलान किया गया। इस अवॉर्ड के लिए हर टीम के कोच को विपक्षी टीम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का चुनाव करना होता है। यानी भारत के कोच इंग्लैंड के किसी एक खिलाड़ी को और इंग्लैंड के कोच भारत के किसी एक खिलाड़ी को यह सम्मान देते हैं। इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैक्कुलम ने भारत की तरफ से शुभमन गिल को चुना, जिन्होंने सीरीज में सबसे ज्यादा 754 रन बनाए।
वहीं भारत के कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड के खिलाड़ी हैरी ब्रूक को यह खिताब दिया, जिन्होंने सीरीज में 481 रन बनाए।
फैंस का गुस्सा इस बात को लेकर फूटा कि इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट का प्रदर्शन ब्रूक से बेहतर रहा था, लेकिन फिर भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
खिलाड़ी रन औसत पारियां
जो रूट 537 67.12 9
हैरी ब्रूक 481 53.44 9
जो रूट ने ब्रूक से ज्यादा रन बनाए और उनका औसत भी बेहतर था। यही वजह रही कि क्रिकेट प्रेमियों को ये फैसला हज़म नहीं हुआ और सोशल मीडिया पर #JusticeForRoot ट्रेंड करने लगा।
ब्रूक ने अवॉर्ड जीतने के बाद एक बयान में कहा, “मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं, लेकिन मुझे लगता है कि रूट इस अवॉर्ड के ज्यादा हकदार थे।” उनके इस बयान ने फैंस की नाराज़गी को और हवा दे दी।
इस फैसले के बाद गौतम गंभीर की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। कुछ फैंस ने कहा कि यह एक ‘पक्षपाती फैसला’ था, जबकि कुछ ने मज़ाक में कहा कि गंभीर शायद ब्रूक की बैटिंग स्टाइल से प्रभावित हो गए होंगे।
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